Men's HUB - 028 by Men's HUB - HTML preview

PLEASE NOTE: This is an HTML preview only and some elements such as links or page numbers may be incorrect.
Download the book in PDF, ePub, Kindle for a complete version.

9

Men's HUB – 028, 1st Apr 2023

कुछ लेखक माइथोलॉजिजक पा्ቔों को नया रूप दे र े ैपरं( ुइनकी संख्या बहु( कम ै। व ी दूसरी

(रफ ्ቤवसाहियक साहि त्य ैजो लिसफ मनोरंजन को उ्ቌेश्य बना कर (ीसरी हिवचारLारा पर कलम चला र ा ै। इन

सब

से अल

ग दूसरी हिवचारLार ाप

र लिलख

ने वाल ोक ीसंख्या अनापेቌኌb

( रू

से बहु

( अमिL

क ै।

व(मान में दूसरी हिवचारLारा पर ी मुख्य रूप स ेकाम ो(ा टिदखाई दे(ा ै। लगभग र महि ला लेखक

इसी हिवचारLारा का ्ቚहि(हिनमिLत्व कर(ी टिदखाई दे र ी ै। इस नई लेखिखकाओं की पीढ़ी न ेमहि ला स+लि8करण का

अथ ी बना टिदया ैकी पुरुष को भला बुरा क ा जाए उस ेनीचा टिदखाया जाए और महि ला प्ቔ की काल्पहिनक

महि मामंदन हिकय ाजा

ए । इ

स साहि त्

के दोन ोपा

्ቔ समा

ज क ाहि स्स ान ीं ै।

जब मैं सबसे पुराना साहि त्य के हिवषय म ेंसोच(ा हू ं(ब मेरा मቜኌस्(ष्क रामायण पर रुक जा(ा ै।

रामायण एक माइथोलॉजिजकल साहि त्य ैजिजसम ेपb और हिवपb (ो ैपरं( ुहिवलेन का अभाव सा टिदखाई दे(ा ै

(Lा቞ኌमंक दृहिgकोण से ्ቚेरिर( ्ቤलि8 स म( न ीं ो सकेंगे) । यटिद रामायण में हिकसी खलनायक की (ला+ की जाए (ो

भी अमिLक से अमिLक ककायेयी या मंथरा (क ी सीमिम( र ना पड़(ा ैपरं( ुउनका वणन भी कुछ इस (रीके स े ै

की उन् ेंभी खलनायक मानना उमिच

( ्ቚ(ी

( न ीं ो(ा

। दूसरा म ाका

्ቤ म ाभा

र(

में खलनाय

क रामायण की अपेbा

अमिLक मुख

र ैपरं( ुहिफ

र भ ीम ाभा

र( क ोलगभ

ग रामाय

ण जैस ी्ቦेण ी

में रख ाजा सक( ा ै।

इसके अहि(रिर8 अन्य बहु( सारी साहि ቓኌत्यक रचनाए ँमौजूद ैजिजनके मूल म ेंखलनायक अवश्य ैपरं(ु

ज ां (क महि ला खलनायक की बा( आ(ी ै(ो महि ल ाखलनायक को भी एक (री

के

से ज቗ኌस् फा

ई कर

(े हु

ए वቓኌणं(

टिदखाई दे( े ै। अमिLकां+ साहि त्य म ेंखलनायक ैअपनी पूरी bम(ा के साथ परं( ुखलनाहियका को एक (रीके से

खलनाहियका के रूप में टिदखान ेस ेपर ेज टिदखाई दे(ा ै। बቇኌल्क अमिLकां+ साहि त्य महि ला पा्ቔों को देवी स्वरूपा

टिदखाने का ्ቚयास कर( ा ै

। और य साहि त्

य मुख्

य रू

से पुरु

ष साहि त्यकार ों्ቛार ारमिच

( ै

। अग

र इ

स ए

क पंलि

8 में

क ना ो (ो म ैंकुछ इस (र

से कहूंगा की पुरुष साहि त्यकार ों

ने महि ल ापा्ቔ ोंक ो मे+ ादेव ी

के रू

में महि मामंमि्ቑ(

करने का ्ቚयास हिकया । और यटिद क ीं खलनाहियका के रूप म ेंपे+ हिकया भी (ो मयादा का उल्लंघन टिदखाई देना

लगभग असंभव ी ै।

बदल(े व8 के साथ ाला( भी बदल( ेर ेपरं( ुसाहि त्य क ापुरान ास्वरूप कम स ेकम महि ल ापा्ቔ ोंके

मसले में न ीं बदला। +र( चं्ቖ के कई उपन्यास देख ेजा सक

(े ैजिजन

में महि ला

एं अप

ने अल

ग अल

ग आया

म के साथ

मौज

ूद ैपरं( ुक ींप

र भ ीमहि ला प

्ቔ क ोऐस ान ींटिदखाय ागय ाजिजस

से क ीउ

न पा्ቔ ों

के ्ቚहि

( दुभावन ापैद ा ो।

Continue...

Find Your Next Great Read

Describe what you're looking for in as much detail as you'd like.
Our AI reads your request and finds the best matching books for you.

Showing results for ""

Popular searches:

Romance Mystery & Thriller Self-Help Sci-Fi Business